नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा द्वारा प्रस्तावित डेली सब्जी मार्केट के जीर्णोद्धार को लेकर मंगलवार को व्यापारियों और प्रशासन के बीच दिनभर चर्चा और हलचल का माहौल बना रहा। अपनी विभिन्न समस्याओं और आशंकाओं को लेकर बड़ी संख्या में सब्जी व्यापारी नगर पालिका कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन कर प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं।व्यापारियों का कहना है कि यदि बिना स्पष्ट योजना और वैकल्पिक व्यवस्था के निर्माण कार्य शुरू किया गया, तो उनके व्यापार पर गंभीर असर पड़ेगा और कई परिवारों की आजीविका संकट में आ सकती है। व्यापारियों ने मांग की कि जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ करने से पहले बाजार संचालन, अस्थायी व्यवस्था और व्यवसाय सुरक्षा को लेकर स्पष्ट कार्ययोजना सार्वजनिक की जाए।इस दौरान व्यापारियों के समर्थन में भाजपा नेता भागवत विश्वकर्मा भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि वर्षों से बाजार में व्यवसाय कर रहे छोटे व्यापारियों की समस्याओं और चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। विकास कार्य तभी सफल होंगे, जब प्रशासन व्यापारियों का विश्वास जीतते हुए उनकी सहमति के साथ आगे बढ़ेगा।बताया गया कि सब्जी व्यापारियों ने नगर पालिका कार्यालय के मुख्य द्वार के बाहर लगभग तीन घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। बैठक में व्यापारियों ने रोजगार प्रभावित होने, ग्राहकों की संख्या कम होने और लंबे समय तक बाजार व्यवस्था बाधित रहने जैसी चिंताओं को विस्तार से रखा।वहीं नगर पालिका प्रशासन ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि डेली सब्जी मार्केट को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार बाजार का जीर्णोद्धार वर्तमान स्थल पर ही किया जाएगा तथा निर्माण कार्य चरणबद्ध और व्यवस्थित तरीके से कराया जाएगा, ताकि व्यापारियों को न्यूनतम परेशानी हो।व्यापारियों ने भी स्वीकार किया कि बाजार में लंबे समय से कीचड़, जलभराव, साफ-सफाई और अव्यवस्था जैसी समस्याएं बनी हुई हैं और बाजार का विकास आवश्यक है। हालांकि उनका कहना है कि विकास कार्य इस प्रकार हो, जिससे व्यापारियों की रोजी-रोटी प्रभावित न हो और बाजार संचालन लगातार जारी रह सके।दिनभर चले प्रदर्शन और बैठकों के बाद पूरे नगर में इस मुद्दे को लेकर चर्चा का माहौल बना रहा। व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया, तो आगे भी आंदोलन जारी रखा जा सकता है। वहीं स्थानीय नागरिकों का मानना है कि पारदर्शिता, संवाद और आपसी सहमति के माध्यम से समाधान निकाला गया, तो बाजार का विकास और व्यापारियों के हित दोनों सुरक्षित रह सकते हैं।