संपादक विमल कुमार


बांकी मोंगरा SECL कॉलोनी में ‘सफाई घोटाले’ की चर्चा तेज, मजदूरों का शोषण और गंदगी से लोग परेशान
👉कॉलोनी में पसरी गंदगी, जिम्मेदार मौन
कोरबा जिले के बांकी मोंगरा स्थित SECL कॉलोनी की हालत इन दिनों बद से बदतर होती जा रही है। कभी साफ-सुथरी और व्यवस्थित मानी जाने वाली यह कॉलोनी अब गंदगी और बदहाल सफाई व्यवस्था के कारण चर्चा में है। जगह-जगह जाम नालियां, सड़कों पर बहता गंदा पानी और बढ़ते मच्छरों ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है।
स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि महीनों से नियमित सफाई नहीं हो रही, लेकिन कागजों में हर महीने लाखों के बिल पास किए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि “जमीन पर सफाई नजर नहीं आती, लेकिन फाइलों में पूरी कॉलोनी चमकती दिखाई जाती है।”
👉सफाई कर्मचारियों का शोषण?
मामले का सबसे गंभीर पहलू सफाई कर्मचारियों और डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में लगी महिलाओं के साथ हो रहा कथित शोषण बताया जा रहा है।
मजदूरों को तय न्यूनतम वेतन नहीं मिलने का आरोप
PF कटने के बावजूद खातों में राशि जमा नहीं होने की शिकायत
कई कर्मचारियों को नगद भुगतान किए जाने का दावा
बिना सुरक्षा उपकरणों के सफाई कार्य करवाने का आरोप
महिला कर्मचारियों ने बताया कि उनका भुगतान बैंक खाते में न होकर हाथों में किया जाता है। ऐसे में PF और अन्य सुविधाओं का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा।
👉अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत के आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार और संबंधित विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से पूरा खेल चल रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बिना फिजिकल वेरिफिकेशन के हर महीने सफाई का बिल कैसे पास हो रहा है?
रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो यह मामला बड़े घोटाले का रूप ले सकता है।
👉उठ रहे बड़े सवाल
👉 जब कॉलोनी की नियमित सफाई नहीं हो रही, तो भुगतान किस आधार पर हो रहा है?
👉 सफाई कर्मचारियों का PF आखिर कहां जा रहा है?
👉 बिना सुरक्षा उपकरणों के मजदूरों से काम क्यों कराया जा रहा है?
👉 संबंधित अधिकारी जवाबदेही से बच क्यों रहे हैं?
अब क्षेत्रवासियों ने SECL प्रबंधन और श्रम विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
👉 मेडिकल की कोई सुविधा भी नहीं मिल रही है
