संपादक विमल कुमार




बांकी मोंगरा। महिला एवं बाल विकास विभाग, परियोजना कोरबा (ग्रामीण) के तत्वावधान में नागिन भाटा, सुमेधा बांकी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-2 में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता, प्रारंभिक शिक्षा एवं समुचित बाल विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोजन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों तथा क्षेत्र के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य परिवारों एवं समाज के बीच बच्चों के बेहतर पोषण और स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने तथा बच्चों के प्रारंभिक विकास में परिवार और समाज की भूमिका को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।मुकेश अग्रवाल रहे मुख्य अतिथि, प्रणय मिश्रा विशिष्ट अतिथिकार्यक्रम में बांकी मोंगरा संगठन के कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि मंडल मंत्री प्रणय मिश्रा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अतिथियों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं से संवाद करते हुए बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए बैनर के माध्यम से ‘पोषण पर होगा हल्का-फुल्का संवाद’ का संदेश दिया गया। आयोजन के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं संबंधित दीदियों के योगदान को सम्मान देने का भी प्रयास किया गया। उपस्थित महिलाओं और परिवारों को बच्चों के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने, स्वच्छता का ध्यान रखने तथा नियमित स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूक किया गया।बच्चों के प्रारंभिक विकास में आंगनबाड़ी की महत्वपूर्ण भूमिकामुख्य अतिथि मुकेश अग्रवाल ने कहा कि बच्चों के प्रारंभिक विकास में आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। बच्चों को पौष्टिक आहार, स्वास्थ्य संबंधी देखभाल, प्रारंभिक शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं लगातार जिम्मेदारी निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल विभागीय प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि परिवार और समाज की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है।उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण एवं स्थानीय स्तर पर बच्चों और महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। समाज के सभी वर्ग मिलकर बच्चों के पोषण और विकास को लेकर जागरूकता बढ़ाएं तो आने वाली पीढ़ी को बेहतर आधार मिल सकता है।बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव प्रारंभिक वर्षों में होती है तैयारविशिष्ट अतिथि प्रणय मिश्रा ने कहा कि बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव उनके प्रारंभिक वर्षों में ही तैयार होती है। ऐसे में बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता को लेकर परिवारों को विशेष रूप से जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के प्रारंभिक विकास के साथ महिलाओं और परिवारों तक आवश्यक जानकारी पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।उन्होंने क्षेत्र में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और जिम्मेदारी से स्थानीय स्तर पर बच्चों एवं महिलाओं से जुड़ी सेवाओं को मजबूती मिलती है।पोषण, स्वच्छता और स्वास्थ्य को लेकर महिलाओं से संवादकार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं विभागीय योजनाओं को लेकर संवाद किया गया। इस दौरान परिवारों में उपलब्ध खाद्य पदार्थों के बेहतर उपयोग, संतुलित भोजन तथा बच्चों की दैनिक देखभाल से संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुई।पोषण सामग्री एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थों के माध्यम से भी लोगों को पौष्टिक आहार के महत्व का संदेश दिया गया। उपस्थित महिलाओं को बच्चों की खान-पान संबंधी आदतों, स्वच्छता और स्वास्थ्य पर नियमित ध्यान देने के लिए प्रेरित किया गया।जनप्रतिनिधियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की रही सहभागिताकार्यक्रम में पार्षद किशन केंवट, संजय अग्रवाल और भोली सहित क्षेत्र के अन्य लोगों की सहभागिता रही। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में द्रौपदी कंवर, मालती प्रजापति, दयाबाई कंवर और सजन बाई कंवर सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।आयोजन के दौरान अतिथियों और उपस्थित लोगों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के कार्यों को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए उनके योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के लिए सामूहिक प्रयास करने पर जोर दिया गया।सामूहिक प्रयास से बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने का संदेश‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और बाल विकास को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के योगदान को सम्मान देने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने माना कि बच्चों के स्वस्थ एवं बेहतर भविष्य के लिए परिवार, समाज, आंगनबाड़ी केंद्र और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।नागिन भाटा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-2 में आयोजित यह कार्यक्रम महिलाओं एवं स्थानीय लोगों के बीच संवाद और जागरूकता का माध्यम बना। कार्यक्रम के समापन अवसर पर बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, संतुलित पोषण और उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर सामूहिक प्रयास करने का संदेश दिया गया।
