संपादक विमल कुमार

नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास ने सीएमओ को सौंपा पत्र, सामान्य सभा में मीडिया को प्रवेश देने की मांग
बांकीमोंगरा। नगर पालिका परिषद बांकी में आयोजित सामान्य सभा के दौरान पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों को बैठक में प्रवेश नहीं दिए जाने का मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। नगर पालिका की सामान्य सभा में होने वाली चर्चाओं, प्रस्तावों और जनहित से जुड़े निर्णयों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में सामान्य सभा की कार्यवाही से पत्रकारों को दूर रखने के मुद्दे को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने आपत्ति दर्ज कराते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को पत्र सौंपा है।
नेता प्रतिपक्ष ने मांग की है कि नगर पालिका परिषद की आगामी सामान्य सभा में पत्रकारों और अधिकृत मीडिया प्रतिनिधियों को प्रवेश की अनुमति दी जाए, ताकि बैठक में होने वाली कार्यवाही और जनहित से जुड़े मुद्दों की सही जानकारी जनता तक पहुंच सके। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और पारदर्शिता से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि नगर पालिका की सामान्य सभा में क्षेत्र के विकास, निर्माण कार्य, मूलभूत सुविधाओं, बजट और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होती है। इन चर्चाओं की जानकारी जनता तक पहुंचना जरूरी है।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को समान अधिकार देने की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए पत्रकारों को समान अधिकार दिए जाने की बात कही है। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की बैठक में होने वाली चर्चाओं से आम नागरिक सीधे तौर पर परिचित नहीं हो पाते। ऐसे में मीडिया ही वह माध्यम है, जिसके जरिए नगर पालिका के निर्णयों और गतिविधियों की जानकारी लोगों तक पहुंचती है।
उन्होंने कहा कि नगर पालिका परिषद की सामान्य सभा केवल जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की बैठक नहीं है, बल्कि इसमें लिए जाने वाले निर्णयों का सीधा असर नगर के नागरिकों पर पड़ता है। सड़क, नाली, पानी, सफाई, प्रकाश व्यवस्था, बाजार, विकास कार्य और नगर की अन्य समस्याओं से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा इसी तरह की बैठकों में होती है। इसलिए इन बैठकों में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है।
सीएमओ को सौंपा पत्र, अगली बैठक में प्रवेश की मांग
मीडिया को सामान्य सभा में प्रवेश देने की मांग को लेकर नेता प्रतिपक्ष की ओर से मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र सौंपा गया है। पत्र में मांग की गई है कि आगामी सामान्य सभा में पत्रकारों को बैठक स्थल पर बैठकर कार्यवाही देखने और उसे रिपोर्ट करने की अनुमति प्रदान की जाए।
मांग उठाने वाले पक्ष का कहना है कि यदि पत्रकार सामान्य सभा की कार्यवाही में मौजूद रहेंगे तो बैठक में होने वाली चर्चाओं, जनहित के प्रस्तावों और नगर विकास से संबंधित निर्णयों की जानकारी तथ्यात्मक रूप से जनता के सामने आ सकेगी। इससे नगर पालिका के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
पार्षदों ने भी उठाई आवाज
इस मामले को लेकर नगर पालिका के कुछ पार्षदों की ओर से भी पत्रकारों को समान अधिकार दिए जाने की बात कही गई है। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों की ओर से जनता से जुड़े मुद्दे सामान्य सभा में उठाए जाते हैं और इन मुद्दों को जनता तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है।
पत्रकारों के प्रवेश पर रोक या अनुमति को लेकर उठे सवालों के बीच अब निगाहें नगर पालिका प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि आगामी सामान्य सभा में मीडिया को प्रवेश दिया जाता है तो इससे बैठक की कार्यवाही को लेकर पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
जनता तक पहुंचनी चाहिए सामान्य सभा की जानकारी
नगर पालिका क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए सामान्य सभा में होने वाली चर्चाएं काफी महत्वपूर्ण होती हैं। नगर की समस्याओं और विकास योजनाओं को लेकर पार्षदों की ओर से क्या मांग रखी गई, किन प्रस्तावों पर चर्चा हुई और किन कार्यों को स्वीकृति मिली—इन सभी जानकारियों को जनता तक पहुंचाने का काम मीडिया करता है।
ऐसे में पत्रकारों को सामान्य सभा से बाहर रखने को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक माना जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष की मांग के बाद अब यह मामला नगर पालिका प्रशासन के समक्ष पहुंच गया है। नागरिकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की नजर इस बात पर है कि सीएमओ इस पत्र पर क्या निर्णय लेते हैं और आगामी सामान्य सभा में पत्रकारों को प्रवेश दिया जाता है या नहीं।
सामान्य सभा में पत्रकारों की मौजूदगी से बढ़ेगी जवाबदेही
राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी यह तर्क दिया जा रहा है कि स्थानीय निकायों की बैठकों में मीडिया की मौजूदगी से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के कामकाज की जानकारी सार्वजनिक होती है। इससे जनता को यह जानने का अवसर मिलता है कि उनके क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर उनके चुने हुए प्रतिनिधि किस तरह आवाज उठा रहे हैं।
बांकी नगर पालिका में उठे इस मुद्दे ने अब पारदर्शिता, मीडिया की भूमिका और सामान्य सभा की कार्यवाही को सार्वजनिक करने को लेकर बहस शुरू कर दी है। नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट रूप से मांग रखी है कि अगली सामान्य सभा में पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों को प्रवेश की अनुमति दी जाए।
फिलहाल पत्र सौंपे जाने के बाद गेंद नगर पालिका प्रशासन के पाले में है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मांग पर क्या निर्णय लेता है और आने वाली सामान्य सभा में मीडिया को प्रवेश देकर कार्यवाही को अधिक पारदर्शी बनाया जाता है या नहीं।
सामान्य सभा में पार्षद राकेश जायसवाल, नवीन कुशवाहा और संदीप बढ़रिया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
