संपादक विमल कुमार

**बांकी मोंगरा में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए जिम्मेदार? विज्ञापन तो मिटा दिया गया, लेकिन नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना और कार्रवाई होगी या मामला यूं ही ठंडे बस्ते में चला जाएगा?**
**बांकी मोंगरा।** सार्वजनिक यात्री प्रतीक्षालय को निजी दुकान के प्रचार का माध्यम बनाए जाने का मामला सामने आने के बाद आखिरकार असर दिखाई देने लगा है। बुधवारी बाजार स्थित घुड़देवा टर्निंग के पास यात्री प्रतीक्षालय में लगाए गए पहनावा रेडीमेड सेंटर के विज्ञापन को अब पुताई कर मिटा दिया गया है। खबर प्रकाशित होने के बाद विज्ञापन हटाए जाने की इस कार्रवाई ने एक बार फिर नगर पालिका प्रशासन की जिम्मेदारी और जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
गौरतलब है कि यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए सार्वजनिक प्रतीक्षालय में निजी प्रतिष्ठान का प्रचारात्मक होर्डिंग लगाया गया था। इस मामले को प्रमुखता से उठाते हुए सवाल किया गया था कि आखिर सार्वजनिक संपत्ति पर निजी दुकान का विज्ञापन किसकी अनुमति से लगाया गया और क्या इसके लिए नगर पालिका से विधिवत स्वीकृति ली गई थी?
अब विज्ञापन पर पुताई कर उसे मिटा तो दिया गया है, लेकिन असली सवाल अभी बाकी है।
**सिर्फ पुताई से खत्म हो जाएगी जिम्मेदारी?**
विज्ञापन मिटा देना एक अलग बात है, लेकिन यदि सार्वजनिक संपत्ति पर बिना अनुमति निजी प्रचार किया गया था, तो क्या केवल पुताई कर देने से मामला समाप्त मान लिया जाएगा? क्या नगर पालिका प्रशासन यह पता लगाएगा कि होर्डिंग किसने लगवाया, अनुमति ली गई थी या नहीं और क्या किसी नियम का उल्लंघन हुआ?
**अब जुर्माना लगेगा या मिलेगी सिर्फ राहत?**
नगर पालिका प्रशासन के सामने अब यह सवाल है कि संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी या फिर विज्ञापन मिटा दिए जाने को ही पर्याप्त मान लिया जाएगा। यदि बिना अनुमति विज्ञापन लगाया गया था, तो क्या संबंधित पक्ष से जुर्माना अथवा निर्धारित विज्ञापन शुल्क वसूला जाएगा? इस पर प्रशासन को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
**जनता के सवाल का जवाब दे नगर पालिका**
सार्वजनिक संपत्ति किसी निजी प्रतिष्ठान के प्रचार का मुफ्त माध्यम नहीं बननी चाहिए। यदि इसके लिए अनुमति और शुल्क की व्यवस्था है, तो उसका पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए। अब देखना यह है कि नगर पालिका परिषद बांकी मोंगरा इस मामले में केवल पुताई तक सीमित रहती है या नियमों के उल्लंघन की जांच कर जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई भी करती है।
फिलहाल, खबर का असर तो दिखाई दिया है, लेकिन अब जनता की नजर नगर पालिका के अगले कदम पर है। **विज्ञापन मिट गया, लेकिन क्या जिम्मेदारी भी मिट जाएगी?**
