संपादक विमल कुमार



बांकी मोंगरा में दिन-रात रेत परिवहन को लेकर उठे सवाल, खनिज विभाग और पुलिस की कार्रवाई पर निगाहें
बांकी मोंगरा, कोरबा। बांकी मोंगरा क्षेत्र की गजरा नदी में इन दिनों अवैध रेत उत्खनन और रेत से भरे ट्रैक्टरों के बेखौफ परिवहन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप हैं कि नदी से रेत निकालकर ट्रैक्टरों के माध्यम से कॉलोनियों और मुख्य सड़कों पर लगातार परिवहन किया जा रहा है। दिन हो या रात, रेत से लदे ट्रैक्टरों की आवाजाही से सड़क सुरक्षा और स्थानीय व्यवस्था को लेकर चिंता जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मुख्य चौक और व्यस्त सड़कों से गुजरने वाले कुछ ट्रैक्टर तेज रफ्तार से चलते हैं, जिससे राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है। क्षेत्र में पहले भी घटनाएं होने की बात कही जा रही है। वहीं, कुछ ट्रैक्टर चालकों के नाबालिग होने के आरोप भी सामने आए हैं, जिनकी जांच आवश्यक है।
जर्जर सड़कें और सुरक्षा पर सवाल
गजरा कॉलोनी की डामर सड़क की खराब होती स्थिति को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़क पर दबाव बढ़ता है। ऐसे में यह जरूरी है कि रेत उत्खनन, परिवहन की वैधता और वाहनों की गति की जांच की जाए।
कार्रवाई और संरक्षण को लेकर उठ रहे सवाल
रेत परिवहन के इस मामले में खनिज विभाग और पुलिस की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कुछ स्थानीय आरोपों में प्रभावशाली लोगों के संरक्षण की बात भी कही जा रही है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन को इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
क्षेत्रवासियों की मांग है कि गजरा नदी में रेत उत्खनन की अनुमति और नियमों की जांच की जाए, अवैध खनन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो तथा मुख्य मार्गों पर तेज रफ्तार से चलने वाले ट्रैक्टरों पर यातायात नियमों के तहत सख्ती की जाए। साथ ही, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की शिकायतों की जांच कर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
अब सवाल यह है कि संबंधित विभाग इन शिकायतों पर कब कार्रवाई करेंगे और गजरा नदी से लेकर बांकी मोंगरा की सड़कों तक रेत परिवहन की व्यवस्था को नियमों के दायरे में लाने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
