कोरबा 06 अप्रैल 2026/जिले के करतला विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत बुढियापाली का आश्रित ग्राम ढिटोरी, जो जिला मुख्यालय से लगभग 36 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, आज विकास की एक नई इबारत लिख रहा है। लगभग 763 की जनसंख्या वाले इस गाँव में पहले स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती थी, जिससे विशेषकर महिलाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। गाँव की 38 वर्षीय जोगिनी बाई उन दिनों को याद करते हुए बताती हैं कि उन्हें पानी लाने के लिए घर से काफी दूर जाना पड़ता था। गर्मी हो या बारिश, हर मौसम में साफ पानी का इंतजाम करना एक संघर्ष जैसा था, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती थी बल्कि शारीरिक श्रम भी अधिक करना पड़ता था। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ’हर घर जल’ पहल और जल जीवन मिशन के माध्यम से ढिटोरी की यह तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। मिशन के तहत ग्राम ढिटोरी के सभी 176 घरों को नल कनेक्शन से जोड़ दिया गया है, जिससे अब ग्रामीणों को सुबह और शाम उनके घर पर ही पाइपलाइन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल प्राप्त हो रहा है। इस योजना के क्रियान्वयन से ग्रामीण महिलाओं को पानी ढोने के पुराने और कठिन काम से बड़ी राहत मिली है, जिससे उनके समय और श्रम की बचत हो रही है।
जिले के करतला विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत बुढियापाली का आश्रित ग्राम ढिटोरी, जो जिला मुख्यालय से लगभग 36 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, आज विकास की एक नई इबारत लिख रहा है। लगभग 763 की जनसंख्या वाले इस गाँव में पहले स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती थी, जिससे विशेषकर महिलाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। गाँव की 38 वर्षीय जोगिनी बाई उन दिनों को याद करते हुए बताती हैं कि उन्हें पानी लाने के लिए घर से काफी दूर जाना पड़ता था। गर्मी हो या बारिश, हर मौसम में साफ पानी का इंतजाम करना एक संघर्ष जैसा था, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती थी बल्कि शारीरिक श्रम भी अधिक करना पड़ता था। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ’हर घर जल’ पहल और जल जीवन मिशन के माध्यम से ढिटोरी की यह तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। मिशन के तहत ग्राम ढिटोरी के सभी 176 घरों को नल कनेक्शन से जोड़ दिया गया है, जिससे अब ग्रामीणों को सुबह और शाम उनके घर पर ही पाइपलाइन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल प्राप्त हो रहा है। इस योजना के क्रियान्वयन से ग्रामीण महिलाओं को पानी ढोने के पुराने और कठिन काम से बड़ी राहत मिली है, जिससे उनके समय और श्रम की बचत हो रही है।