संपादक विमल कुमार




बाॅंकीमोंगरा क्षेत्र में बिजली की बदहाली किसी से छिपी नहीं है,आए दिन बिजली की समस्या बनी रहती है। लंबे समय से और पुराने होने के कारण कभी कही की केबल जल रही है तो कभी ट्रांसफार्मर खराब हो रही है तो कभी सब स्टेशन में लगे उपकरण ख़बर हो रहे है,जिसके कारण आम जनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एक्सक्यूटिव इंजीनियर दिये थे समस्या दूर करने का आश्वासन
कुछ दिनों पूर्व बदहाल बिजली व्यवस्था को देखने पहुँचे एक्सक्यूटिव इंजीनियर राजेश चौहान बाॅंकीमोंगरा स्थित सब स्टेशन पहुंचें थे,तो पत्रकारों ने बदहाल व्यवस्था को बताया और उस पर सवाल किया था तो समस्याओं को जल्द से जल्द प्राथमिकता के आधार में दूर करने का आश्वासन दिया गया था।
जनप्रतिनिधियों ने भी किया था प्रयास बाॅंकीमोंगरा की बदहाली बिजली व्यवस्थाओं को देखे कई जनप्रतिनिधियों के द्वारा अपने स्तर पर प्रयास की गई है की जल्द से जल्द इसकी समस्या से आमजनों को निजाद मिल सके।
आज बिजली विभाग ने नए खंभे और LT केबल को लगाया
बिजली विभाग द्वारा विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में आज बाॅंकीमोंगरा के मेन चौक पर नए विद्युत खंभे लगाने के साथ ही पुरानी LT केबल को बदलने का कार्य कराया गया है,नए खंभे लगने से नीचे लटके हुए विद्युत प्रवाहित तारों को ऊपर किया गया साथ ही जर्जर हो चुके LT केबलों को बदली किया गया,जिससे इस क्षेत्र के उपभोक्ता को बिजली की समस्या से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
विभाग के इस कार्य के दौरान घोर लापरवाही देखने को मिली
बाॅंकीमोंगरा में आज बिजली व्यवस्था सुधार कार्य के दौरान मौके पर देखा गया कि बाहर से जो इस कार्य को करने आए ठेका कर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं? कार्य के दौरान ठेका कर्मी बिना सेफ्टी बेल्ट और हेलमेट के विद्युत खंभों पर चढ़कर काम करते नजर आए। ऐसे में जरा सी चूक या दुर्घटना किसी कर्मी की जान पर भारी पड़ सकती है। विद्युत कार्य जैसे जोखिम भरे काम में सुरक्षा उपकरणों की अनदेखी को लेकर विभागीय निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बिजली विभाग की लापरवाही या फिर ठेकेदार की बदमाशी ?
आज के कार्य में ठेकाकर्मियों की सुरक्षा को देख बड़ा सवाल खड़ा होता है। कार्य के दौरान मीडिया के कैमरे में बिना सुरक्षा उपकरण के कार्य कर रहे कर्मियों की अनेक तस्वीरें कैद हुई है,जो कि बेहद शर्मनाक है। अब सबसे बड़ा सवाल है की ठेकेदार सुरक्षा उपकरण नहीं दे रहे या कर्मी पहनने को तैयार नहीं?
विभाग को देना चाहिए ध्यान,अगर किसी की गई जान तो कौन होगा जिम्मेदार?
विद्युत सुधार कार्य बेहद जोखिम भरा होता है। ऐसे में बिना आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के खंभों पर चढ़कर काम करना किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। यदि कार्य के दौरान किसी ठेका कर्मी के साथ दुर्घटना होती है या उसकी जान चली जाती है, तो उनके परिजनों का क्या होगा।
सबसे बड़ा सवाल है कि ठेकेदार सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं करा रहे हैं या फिर उपकरण उपलब्ध होने के बावजूद कर्मी उनका इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं।आखिर ऐसी घोर लापरवाही के कारण किसी कर्मी के साथ कुछ दुर्घटना हो जाती है और जान चली जाती है तो जिम्मेदार कौन होगा? बिजली विभाग या जिनको इस कार्य का विभाग से ठेका दिया है वो ठेकेदार..?
सुरक्षा के नियम कागजों तक सीमित हैं या जमीन पर भी उनका पालन हो रहा है कि नहीं इसे भी बिजली विभाग को जानना चाहिए।
अनेक स्थानों में अभी की बदहाली,पूरी तरह से कब मिलेगी समस्या से निजाद
आज के कार्य से लोगों को उम्मीद है कि बिजली विभाग उनके समस्याओं को दूर करने की दिशा में कार्य करने लगा है,लेकिन अभी भी कई स्थान ऐसे है जहां खंभों में,तारों में,ट्रांसफार्मरों में खामियां है वो आखिर कब तक पूर्ण रूप से दूर किये जाएंगे।
