संपादक विमल कुमार





[ग्राम ~कोराई (पुरेना)],
प्रशासन की नाक के नीचे रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब उन्हें कानून का कोई खौफ नहीं रह गया है। ताजा मामला सामने आया है जहाँ नदी से दिन-दहाड़े अवैध रूप से रेत का उत्खनन किया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी और तस्वीरों के अनुसार, नदी के तट पर बेखौफ होकर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर रेत भरी जा रही है। माफियाओं ने नदी के बहाव और उसके किनारों को भारी नुकसान पहुँचाना शुरू कर दिया है। ट्रैक्टरों की कतारें और मजदूरों द्वारा फावड़ों से ट्रॉली भरने का काम खुलेआम चल रहा है।
पर्यावरण पर संकट
अवैध रेत खनन से न केवल जल स्तर नीचे जा रहा है, बल्कि जलीय जीवों और नदी के प्राकृतिक स्वरूप पर भी गहरा संकट मंडरा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही से रास्ते खराब हो रहे हैं और विरोध करने पर डराया-धमकाया जाता है।दिन के उजाले में खुलेआम चोरी।
