संपादक विमल कुमार



जिला फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी यूनिट, कोरबा (छ.ग.)
राज्य फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, रायपुर (छ.ग.) द्वारा प्रदेश के सभी जिला FSL यूनिट को नवीन मोबाइल फॉरेंसिक वैन आवंटित की गई है, जिसके अंतर्गत कोरबा जिले को भी अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्राप्त हुई है। यह वैन घटनास्थल पर त्वरित वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य संकलन एवं सुरक्षित संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
दिनांक 23 मई 2026 को जिला FSL यूनिट, कोरबा द्वारा पुलिस प्रशासन से समन्वय स्थापित कर इस अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसमें मोबाइल फॉरेंसिक वैन के महत्व, उपयोगिता एवं अपराध विवेचना में इसकी भूमिका पर विस्तृत जानकारी दिया गया।
इस कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन, जनप्रतिनिधि, जिला FSL अधिकारी, अभियोजन अधिकारी, DDP, DPO, GP, AGP एवं अधिवक्तागण उपस्थित रहेंगे।
मोबाइल फॉरेंसिक वैन की प्रमुख विशेषताएं एवं उपयोगिता:
🔹 घटनास्थल पर त्वरित वैज्ञानिक जांच – किसी भी अपराध स्थल पर तत्काल पहुंचकर प्राथमिक जांच एवं साक्ष्य संरक्षण।
🔹 फॉरेंसिक साक्ष्य संकलन एवं विश्लेषण – ब्लड, DNA, फिंगरप्रिंट, जैविक साक्ष्य एवं अन्य महत्वपूर्ण नमूनों का वैज्ञानिक परीक्षण।
🔹 डिजिटल फॉरेंसिक सहायता – मोबाइल, डिजिटल उपकरण एवं इलेक्ट्रॉनिक डेटा का प्रारंभिक परीक्षण एवं सुरक्षित संकलन।
🔹 साक्ष्यों का सुरक्षित संरक्षण – वैज्ञानिक उपकरणों के माध्यम से साक्ष्यों को नष्ट होने से बचाना एवं न्यायालयीन उपयोग हेतु सुरक्षित रखना।
🔹 बैलेस्टिक एवं अपराध विश्लेषण – गोलीबारी, विस्फोटक, आगजनी व अन्य गंभीर अपराधों की वैज्ञानिक जांच में सहायता।
🔹 पुलिस एवं अभियोजन समन्वय में मजबूती – विवेचना प्रक्रिया को अधिक सशक्त, पारदर्शी एवं त्वरित बनाने में सहयोग।
कार्यक्रम का उद्देश्य:
✔️ फॉरेंसिक विज्ञान के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
✔️ घटनास्थल से न्याय तक वैज्ञानिक जांच प्रक्रिया को सुदृढ़ करना।
✔️ पुलिस, अभियोजन एवं फॉरेंसिक विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।
✔️ अपराधों की विवेचना में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देना।
“मोबाइल फॉरेंसिक वैन से घटनास्थल पर ही त्वरित वैज्ञानिक जांच संभव होगी, जिससे अपराध विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनेगी।”
