बांकी मोंगरा। नगर पालिका परिषद बांकी मोंगरा में कांग्रेस के भीतर ही बड़ा विवाद सामने आया है। कांग्रेस पार्षदों ने अपने ही नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन पर धोखे से हस्ताक्षर कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
👉 टेंडर शिकायत से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, कुछ दिन पहले नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास द्वारा नगर पालिका परिषद बांकी मोंगरा और बिलासपुर के संयुक्त संचालक को एक शिकायत पत्र भेजा गया था।इस पत्र में परिषद की कार्यप्रणाली और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। खास बात यह रही कि इस शिकायत पत्र में कांग्रेस के कई पार्षदों के हस्ताक्षर भी शामिल थे।
पार्षदों का आरोप—गलत जानकारी देकर लिए हस्ताक्षरअब
यही हस्ताक्षर विवाद की जड़ बन गए हैं। कांग्रेस के कई पार्षदों का कहना है कि उनसे गलत जानकारी देकर धोखे से इस पत्र पर हस्ताक्षर करवाए गए।पार्षदों ने स्पष्ट किया कि उन्हें पत्र की वास्तविक सामग्री की जानकारी नहीं दी गई थी।
👉 नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ खुला विरोध
मामले को लेकर नाराज पार्षदों ने नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ खुलकर विरोध जताया है। उन्होंने एक अलग पत्र जारी कर अपने हस्ताक्षरों का खंडन करते हुए कहा कि यह सहमति से नहीं लिया गया था।
👉 उच्च अधिकारियों को भेजी शिकायत
नाराज पार्षदों ने इस पूरे मामले की जानकारी उच्च स्तर तक पहुंचाई है।उन्होंने उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कलेक्टर कोरबा, नगर पालिका परिषद और बिलासपुर संयुक्त संचालक को पत्र भेजकर स्पष्ट किया कि उनके हस्ताक्षर धोखे से लिए गए हैं और वे पहले भेजे गए शिकायत पत्र का समर्थन नहीं करते।
👉संगठन में बढ़ी दरार
इस घटनाक्रम के बाद बांकी मोंगरा नगर पालिका में कांग्रेस के भीतर दरार खुलकर सामने आ गई है।अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इस आंतरिक विवाद पर क्या रुख अपनाता है और आगे क्या कार्रवाई होती है।