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स्थानीय लोगों का कहना है कि इन एसईसीएल क्वार्टरों में शाम ढलते ही शराबखोरी और अय्याशी का दौर चलता रहता है। पुलिस विभाग से जुड़े कर्मचारियों का नाम सामने आने के कारण मोहल्ले के लोग शिकायत करने से भी कतराते रहे। इस घटना ने न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और निगरानी पर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
