संपादक विमल कुमार




ढपढप में आयोजित आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा के तृतीय दिवस मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद भक्तों का उत्साह देखने लायक रहा। दिनभर चली राखड़ भरी आंधी और बाद में हुई बारिश के बीच भी श्रद्धालु कथा स्थल पर डटे रहे और कथा का रसपान करते रहे।
तेज आंधी-तूफान के कारण कथा लगभग एक घंटे विलंब से प्रारंभ हुई, लेकिन इसके बावजूद अनुमानतः 40 हजार से अधिक भक्तजन कथा में शामिल हुए। कथा के प्रारंभ में आचार्य शास्त्री ने अपना घर सेवाश्रम के सेवा कार्यों का उल्लेख करते हुए लोगों से अपील की कि वे अपने जन्मदिन जैसे विशेष अवसर निराश्रित लोगों के बीच मनाएं, जिससे उन्हें सच्चा आनंद प्राप्त होगा।
🧑🤝🧑भारी भीड़, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
तीसरे दिन भी कथा स्थल पर भारी भीड़ उमड़ी। दिनभर हजारों लोगों का आना-जाना लगा रहा। वहीं, नगर और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने बैठने की उचित व्यवस्था नहीं होने को लेकर नाराजगी जताई।
⚠️ VIP और प्रेस पास बने विवाद की वजह
आयोजन में VIP और प्रेस पास का वितरण अव्यवस्थित तरीके से होने के कारण विवाद की स्थिति बन रही है। सीटिंग कैपेसिटी से कहीं अधिक पास जारी किए जाने से वास्तविक पत्रकारों और आम श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले कई दिनों से लगातार कवरेज कर रहे 20-25 पत्रकारों के लिए अलग से कोई स्थान निर्धारित नहीं किया गया है, जबकि सैकड़ों प्रेस पास जारी किए गए हैं। इससे वास्तविक पत्रकारों को कवरेज में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और उनमें नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।
🌧️मौसम की मार, फिर भी अडिग रही आस्था
दिनभर चली धूलभरी आंधी और कथा समाप्ति से पहले हुई बारिश के बावजूद श्रद्धालु कथा स्थल पर डटे रहे। यह नज़ारा भक्तों की अटूट आस्था को दर्शाता है।
👉ये रहे प्रमुख अतिथि
कथा के तीसरे दिन कई जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही, जिनमें—
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव,
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन,
कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल,
कोरबा महापौर संजू देवी राजपूत सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे।


