संपादक विमल कुमार

कटघोरा। विकासखंड कटघोरा के ग्राम अरदा में टीएमसी कंपनी की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। गांव के आदिवासी निवासी शंकर सिंह ने कंपनी के अधिकारी के.के. सिंह पर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने, धमकी देने और ग्रामीणों के आवागमन में बाधा उत्पन्न करने का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक कोरबा को शिकायत सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 27 मई 2026 को सिंघाली खदान क्षेत्र में टीएमसी कंपनी द्वारा कोयला उत्पादन एवं पेस्ट फिलिंग कार्य के दौरान लालपुर और भेजीनारा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग को बंद करने का प्रयास किया जा रहा था। यह मार्ग वर्षों से क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन रहा है। इसी रास्ते से स्कूली बच्चे, आंगनबाड़ी जाने वाले नौनिहाल, किसान और आम ग्रामीण रोजाना आवाजाही करते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने सार्वजनिक मार्ग को बंद किए जाने का विरोध किया, तब कंपनी के अधिकारी के.के. सिंह ने अभद्र व्यवहार करते हुए शंकर सिंह को जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और कंपनी के कार्य में हस्तक्षेप न करने की धमकी दी। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
शिकायतकर्ता शंकर सिंह का कहना है कि यह केवल व्यक्तिगत अपमान का मामला नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज की गरिमा और सम्मान से जुड़ा विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी प्रशासन स्थानीय लोगों की समस्याओं और अधिकारों की अनदेखी करते हुए मनमानी पर उतारू है।
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि वर्षों पुराने सार्वजनिक मार्ग को बंद किया गया तो क्षेत्र के हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इससे किसानों की खेती-किसानी, बच्चों की शिक्षा और ग्रामीणों की दैनिक गतिविधियां गंभीर रूप से प्रभावित होंगी।
शिकायत में पुलिस अधीक्षक कोरबा से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
वहीं क्षेत्र के ग्रामीणों ने भी प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर सार्वजनिक मार्ग को सुरक्षित रखने, आदिवासी समुदाय के सम्मान की रक्षा करने तथा कंपनी की कथित मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं कि ग्रामीणों की शिकायत पर क्या कदम उठाए जाते हैं।
